लेखनी कहानी -02-Mar-2024
तेरी ही चर्चा हो रही थी हर लबो पर
इतना तो मैं खुद सुना है अपनी कानों से
तू कैसी है कितनी सुंदर है क्या है
आज पहली बार मैंने जाना है औरों से।।
कोई पास आकर बोल तो नहीं रहे थे
पर हर मस्तक को विचारते देखा था औरों से
एक बंद होते ही दूसरा-तीसरा बोल उठता
उमंग उत्साह और जज्बात तले जोरो से।।
सब कर रहे थे बखान नुर के दमकता गोरे रंगों के
क्या मंद मंद मुस्कुराती थी फुल सी चेहरा भंवरों से
वह एक नजर देखी थी मैं भी देखा था एक नजर
पहले से और भी बेहतर रंग लिए थी मोरों सी।।
संदीप कुमार अररिया बिहार
Gunjan Kamal
05-Mar-2024 07:21 PM
👌👏
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Mohammed urooj khan
05-Mar-2024 12:45 PM
👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾
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Shashank मणि Yadava 'सनम'
03-Mar-2024 10:06 AM
बेहतरीन
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